झारखंड, क्राइम इंडिया संवाददाता : रांची की एक विशेष सीबीआई अदालत ने गुरुवार को किशोर रूपेश पांडे की 2022 में हुई हत्या के मामले में तीन दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। इस मामले ने झारखंड भर में व्यापक आक्रोश और सांप्रदायिक तनाव पैदा कर दिया था। दोषियों – मोहम्मद असलम अंसारी उर्फ पप्पू मियां, मोहम्मद गुफरान और मोहम्मद कैफ – को कठोर आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई और उन पर 10,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया गया। अदालत ने आदेश दिया कि जुर्माना न भरने पर अतिरिक्त सजा दी जाएगी।
सजा सुनाए जाने के बाद तीनों को न्यायिक हिरासत में ले लिया गया और जेल में डाल दिया गया। 2 फरवरी को विशेष अदालत ने अभियोजन पक्ष और बचाव पक्ष दोनों की अंतिम दलीलें सुनने के बाद तीनों को दोषी पाया था। दो अन्य आरोपियों – मोहम्मद इरफान और इस्तखार मियां – को अदालत द्वारा उनकी संलिप्तता साबित करने के लिए अपर्याप्त सबूत पाए जाने के बाद बरी कर दिया गया।
यह मामला हजारीबाग जिले के बरही पुलिस थाना क्षेत्र से संबंधित है। 6 फरवरी, 2022 की शाम को 17 वर्षीय रूपेश पांडे अपने चाचा के साथ सरस्वती पूजा विसर्जन जुलूस देखने गए थे। अभियोजन पक्ष के अनुसार, अंसारी के नेतृत्व में एक भीड़ ने विसर्जन स्थल के पास रूपेश को घेर लिया और बेरहमी से उसकी हत्या कर दी। इस हत्या से पूरे राज्य में जन आक्रोश फैल गया और झारखंड के कई जिलों में विरोध प्रदर्शन हुए तथा कानून-व्यवस्था की स्थिति तनावपूर्ण हो गई। शुरुआत में बरही पुलिस थाना में दर्ज एफआईआर में 27 लोगों को आरोपी बनाया गया था। हालांकि, जांच के बाद स्थानीय पुलिस ने केवल पांच आरोपियों के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया।
न्याय की मांग करते हुए, पांडे की मां ने झारखंड उच्च न्यायालय का रुख किया और जांच की निष्पक्षता पर सवाल उठाया। आरोपों की गंभीरता को देखते हुए, उच्च न्यायालय ने सीबीआई जांच का आदेश दिया। इसके बाद सीबीआई ने मामले को अपने हाथ में लिया और नए सिरे से जांच की। रांची में गठित सीबीआई की विशेष अदालत में मुकदमा चला। मुकदमे के दौरान, अभियोजन पक्ष की ओर से विशेष लोक अभियोजक प्रियांशु सिंह ने सीबीआई की ओर से पैरवी की।
Edited By : M T RAHMAN












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