शिक्षक भर्ती घोटाले में अब ईडी की नजर एक प्रभावशाली सांसद के निजी सचिव पर है।
W.B कोलकाता, क्राइम इंडिया संवाददाता,। शिक्षक भर्ती घोटाले में अब ईडी की नजर एक प्रभावशाली सांसद के निजी सचिव पर है। जांच अधिकारियों के अनुसार नौकरियों के लिए अनेक नामों की सूची सांसद के निजी सहायक के माध्यम से प्राथमिक शिक्षा बोर्ड को भेजी गई थी। ईडी सूत्रों के मुताबिक हाल ही में प्राथमिक शिक्षा बोर्ड के अपदस्थ अध्यक्ष मानिक भट्टाचार्य की गिरफ्तारी के बाद उनके मोबाइल फोन और व्हाट्सएप संदेशों के आधार पर निजी सचिव का नाम सामने आया है। ईडी सूत्रों का कहना है कि 2012 से 2019 तक नामों की सूची सांसद के निजी सचिव के जरिए मानिक तकपहुंची और उसके अनुसार मानिक के घर की तलाशी लेने पर कई जानकारी व सबूत मिले। एक जांच अधिकारी ने कहा कि सबूतों की जांच की जा रही है। जरूरत पड़ने पर निजी सहायक को तलब किया जाएगा। ईडी के सूत्रों के मुताबिक प्राथमिक के अलावा निजी सहायक के माध्यम से भेजी गई नौकरी के इच्छुक उम्मीदवारों की सूची के अनुसार स्कूल सेवा आयोग के 9वीं-10वीं और समूह-सी पदों के शिक्षकों की अवैध भर्ती की गई है। सत्ताधारी पार्टी के कई प्रभावशाली नेताओं के जरिए कई अपात्र उम्मीदवारों को अवैध रूप से नौकरी मिली। निजी सहायक उम्मीदवारों से पैसे लेने और सूची तैयार करने और सीधे मानिक और उनके करीबी सहयोगियों को भेजने की प्रक्रिया की देखरेख करते थे। गौरतलब है कि शिक्षक भर्ती घोटाले में बंगाल के एक आला पुलिस अधिकारी पर भी ईडी की नजर है। मामले की जांच में उक्त अधिकारी का नाम सामने आया है। यह भी पता चला है कि सारधा चिटफंड घोटाले में सीबीआई उनसे पूछताछ कर चुकी है। ईडी सूत्रों ने बताया कि मामले में गिरफ्तार बंगाल के पूर्व शिक्षा मंत्री पार्थ चटर्जी की करीबी अर्पिता मुखर्जी एवं पश्चिम बंगाल प्राथमिक शिक्षा बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष मानिक भट्टाचार्य के फ्लैट से बरामद हुए विभिन्न मोबाइल फोन की कॉल लिस्ट में उक्त अधिकारी का मोबाइल नंबर सांकेतिक नाम से सेव मिला है।
Edited By : Rahman











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