पश्चिम बंगाल, क्राइम इंडिया संवाददाता। बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के विधानसभा में कम आने को लेकर अब तक भाजपा के विधायक ही सवाल खड़े कर रहे थे। अब सत्तारूढ़ पार्टी तृणमूल कांग्रेस के एक विधायक ने इस पर सवाल खड़ा किया जिसकी वजह से पार्टी को जवाब देते नहीं बन रहा। विधायक का नाम अब्दुल करीम चौधरी है। हालांकि ऐसा कहने पर तृणमूल विधायक को पार्टी नेतृत्व की नाराजगी का सामना करना पड़ा। मंगलवार को प्रदेश अध्यक्ष सुब्रत बख्शी की अध्यक्षता में हुई बैठक में पार्टी के बड़े नेताओं ने विधानसभा सत्र के दौरान विधायकों की नियमित उपस्थिति और स्थायी समितियों की बैठकों में भाग लेने पर जोर दिया। बैठक के दौरान राज्य के सबसे वरिष्ठ सदस्यों में से एक अब्दुल करीम चौधरी ने कहा बेहतर होता कि मुख्यमंत्री तीन से चार दिनों के अंतराल पर विधानसभा आतीं और सत्र के दौरान कम से कम एक घंटे के लिए रुकतीं। लेकिन बैठक की अध्यक्षता कर रहे सुब्रत बख्शी ने बीच में ही उन्हें रोक दिया और अपनी सीट लेने के लिए कहा। सूत्रों ने कहा कि बैठक में मौजूद कई विधायकों और मंत्रियों ने चौधरी की टिप्पणी के खिलाफ नाराजगी दिखाई। हालांकि बाद में पूछे जाने पर चौधरी रक्षात्मक मुद्रा में आ गए। उन्होंने कहा, मैं वह नहीं कहना चाहता जो मैंने पार्टी की आंतरिक बैठक में कहा था। विधानसभा सत्र का महत्व निश्चित रूप से उन दिनों अधिक होता है जब मुख्यमंत्री मौजूद होते हैं। अब्दुल करीम चौधरी 1967 से उत्तर दिनाजपुर जिले के इस्लामपुर विधानसभा क्षेत्र से 11 बार विधायक चुने गए हैं।
Edited By : Rahman











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