गुरुवार 15 सितम्बर 22. State Bureau, Kolkata: सीबीआइ ने शिक्षक नियुक्ति घोटाले में पश्चिम बंगाल माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष कल्याणमय गांगुली को गुरुवार को लंबी पूछताछ के बाद गिरफ्तार कर लिया। गांगुली को इस दिन सीबीआइ ने पूछताछ के लिए कोलकाता के निजाम पैलेस स्थित अपने दफ्तर में तलब किया था। गांगुली दोपहर 12 बजे अपने अधिवक्ता के साथ वहां पहुंचे थे। उनसे करीब छह घंटे पूछताछ की गई। इस दौरान वे केंद्रीय जांच एजेंसी के कई सवालों का संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए, जिसके बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। इससे पहले ईडी ने भी गांगुली के घर में करीब 10 घंटे छापामारी के साथ उनसे लंबी पूछताछ की थी। गौरतलब है कि कलकत्ता हाई कोर्ट के आदेश पर गठित बाग कमेटी ने अपनी रिपोर्ट में गांगुली को घोटाले में शामिल बताया था। उसके बाद गत 23 जून को उन्हें माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के अध्यक्ष पद से हटा दिया गया था। गौरतलब है कि शिक्षक नियुक्ति घोटाले में इससे पहले बंगाल के पूर्व शिक्षा मंत्री पार्थ चटर्जी, उनकी करीबी अर्पिता मुखर्जी, स्कूल सर्विस कमीशन के पूर्व अध्यक्ष अशोक साहा और सलाहकार शांति प्रसाद सिन्हा की गिरफ्तारी हो चुकी हैं। सीबीआइ पार्थ को भी अपनी हिरासत में लेकर पूछताछ करना चाहती है। सूत्रों ने बताया कि इस बाबत अलीपुर कोर्ट में आवेदन किया गया है, जिसपर गौर करते हुए अदालत ने प्रेसिडेंसी जेल प्रशासन को पार्थ को शुक्रवार को इस मामले पर सुनवाई के लिए सशरीर अदालत में पेश करने को कहा है। पार्थ को न्यायिक हिरासत में भेजे जाने से पहले ईडी ने उन्हें अपनी हिरासत में लेकर लंबी पूछताछ की थी। घोटाले की जांच के दौरान सीबीआइ को पार्थ के भ्रष्टाचार में लिप्त होने के कई सुबूत मिले हैं, जिसके लिए उन्हें हिरासत में लेकर पूछताछ करना जरूरी है। दूसरी तरफ शिक्षक नियुक्ति घोटाले की जांच के सिलसिले में सीबीआइ ने गुरुवार को कोलकाता और दिल्ली में छह जगहों पर छापामारी की। सूत्रों के मुताबिक यह छापामारी एक साफ्टवेयर कंपनी के कार्यालयों में की गई है। सीबीआइ को पता चला है कि शिक्षकों की नियुक्ति से संबंधित रिकार्ड में काफी गड़बड़ी की गई है। इसमें एक साफ्टवेयर कंपनी की भूमिका सामने आई है। उसी सिलसिले में यह छापामारी की गई है।
Edit By : M T RAHMAN











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