गुरुवार 15 सितम्बर 22. State Bureau, West Bengal : के हुगली जिले के चुचुड़ा से सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस के तीन बार के विधायक असित मजूमदार को अब एक अंतर-राज्यीय सेक्सटार्शन गिरोह ने निशाना बनाया है। हालांकि, मजूमदार ने ब्लैकमेल की नापाक कोशिशों को नाकाम करते हुए मामले की एफआइआर स्थानीय पुलिस में दर्ज कराई है। अपने अनुभव के बारे में बताते हुए मजूमदार ने कहा कि बीते 12 सितंबर को उनके मोबाइल पर एक अनजान नंबर से व्हाट्सऐप वीडियो काल आया। उनके अनुसार, जब मैंने वह काल उठाई तो एक महिला का कपड़े उतारते हुए वीडियो स्क्रीन पर फ्लैश होने लगा। वीडियो देख मुझे लगा कि यह एक जाल हो सकता है, मैंने तुरंत काल काट दिया। उसके बाद मेरे मोबाइल पर फिर से उसी नंबर से इसी तरह के वीडियो काल आया। हालांकि, मैंने काल रिसीव करने के बजाय काट दिया। मजूमदार ने कहा, मुझे अगले दिन 13 सितंबर को मोबाइल पर दूसरे नंबर से फिर एक व्हाट्सऐप वायस काल आई। जब मैंने काल उठाई तो एक व्यक्ति ने खुद को दिल्ली पुलिस का अधिकारी बताते हुए कहा कि उसके पास मेरे वीडियो काल की रिकार्डिंग है, जिसे इंटरनेट मीडिया के जरिए वायरल कर दिया जाएगा। विधायक के मुताबिक, उन्हें संदेह हुआ कि इस काल का संबंध पिछले दिन मिले वीडियो काल से हो सकता है। जिसके बाद उन्होंने विनम्रता से उससे एक सामान्य काल करने के लिए कहा, लेकिन उसने फिर से फोन पर वही धमकी दोहराई। मैं समझ गया कि फोन करने वाला पुलिस अधिकारी नहीं है, मैंने उससे कहा कि मुझे ब्लैकमेल करने की कोशिश करना बेकार है। इसके बाद, उन्होंने स्थानीय चंदनगर पुलिस कमिश्नरेट के साइबर- क्राइम डिवीजन में शिकायत दर्ज कराई और उन दो नंबरों का भी ब्यौरा दिया, जहां से काल आई थी। मजूमदार ने आगे कहा, आए दिन ये सेक्सटार्शन रैकेट कई लोगों को अपना निशाना बनाते हैं। उनमें से कुछ लोग बदनामी के डर से जालसाजों को पैसे देने लगते हैं। इसलिए, मैंने लोगों को सावधानी बरतने के लिए अपनी कहानी सुनाई। उन्होंने कहा- लोगों से मेरी पहली अपील है कि अनजान नंबरों से व्हाट्सऐप वीडियो काल स्वीकार करने से बचें। दूसरी बात, अगर आप गलती से भी ऐसी काल को स्वीकार कर लेते हैं और ब्लैकमेल के शिकार होते हैं, तो बिना किसी हिचकिचाहट के पुलिस को सूचित करें।
Edit By : M T Rahman











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