भारत में बना सीरप, गाम्बिया में बच्चों की मौत और WHO की चेतावनी, 5 पॉइंट में समझें पूरा मामला

क्राइम इंडिया संवाददाता, हरियाणा में बने चार कफ सीरप को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है. दावा हुआ है कि इन कफ सीरप की वजह से गाम्बिया में 66 बच्चों की मौत हो गई है. सीरप में डाइथिलीन ग्लायकोल और इथिलीन ग्लायकोल की मात्रा जरूरत से ज्यादा पाई गई है. पांच प्वाइंट में पूरा विवाद समझिए.

  1. हरियाणा के सोनीपत में मेडेन फार्मास्यूटिकल (Maiden Pharmaceuticals) ने प्रोमिथैजीन ओरल सॉल्यूशन (Promethazine Oral Solution), कोफेक्समैलिन बेबी कफ सीरप (Kofexmalin Baby Cough Syrup), मेकऑफ बेबी कफ सीरप (Makoff Baby Cough Syrup) और मैगरिप एन कोल्ड सीरप (Magrip N Cold Syrup) बनाया है. इन चारों ही सीरप को गाम्बिया में निर्यात किया गया था. लेकिन WHO के मुताबिक इन सीरप में डाइथिलीन ग्लायकोल और इथिलीन ग्लायकोल की मात्रा ज्यादा निकली है, बच्चों की मौत का भी ये एक बड़ा कारण माना जा रहा है.
  2. इस विवाद के बाद भारत सरकार की तरफ से इन चारों सीरप के सैंपल को टेस्टिंग के लिए रीजनल ड्रग टेस्टिंग लैब भेज दिया गया है. कोलकाता की सेंट्रल ड्रग लेबोरेटरी में भी जांच के लिए सैंपल भेजे गए हैं. अभी तक रिजल्ट सामने नहीं आया है. नतीजे के आधार पर ही आगे की जांच करने की बात की जा रही है.
  3. राहत की बात ये भी है कि जिन चार कफ सीरप को लेकर WHO ने अलर्ट जारी किया है, वो सिर्फ निर्यात के लिए रखे गए हैं. भारत में उनका इस्तेमाल नहीं होता है. अभी तक इन सीरप को भारत में कही भी सेल नहीं किया गया है. जोर देकर कहा गया है कि ये सीरप सिर्फ गाम्बिया में एक्सपोर्ट किया गया था.
  4. स्वास्थ्य मंत्रालय ने अभी के लिए WHO के दावों को भी पूरी तरह स्वीकार नहीं किया है. साफ कहा गया है कि अभी तक गाम्बिया में हुई बच्चों की मौत का विस्तृत कारण नहीं बताया गया है. इस बात पर भी जोर दिया गया है कि WHO ने CDSCO के साथ उन सीरप की डिटेल भी अब तक साझा नहीं की है.
  5. Maiden में काम करने वाले एक डायरेक्टर नरेश कुमार गोयल ने रॉयटर्स को बताया है कि बच्चों की मौत वाली बात उन्हें गुरुवार को ही पता चली है. अभी पूरे मामले को समझने का प्रयास किया जा रहा है. हम लोग भारत में कुछ भी नहीं बेच रहे हैं. वहीं गाम्बिया की बात करें तो मेडिकल अधिकारियों ने जुलाई में तब अलर्ट जारी किया था, जब वहां किडनी की समस्या से दर्जनों बच्चे बीमार पड़ने लगे थे. कुछ बच्चों की मौत भी हो चुकी थी. अब तक वहां 66 बच्चों की मौत हो चुकी है. इन मौतों में एक सा ही पैटर्न सामने आया था. और वो ये कि इन सारे बच्चों की उम्र 5 साल से कम थी और ये कफ सीरप लेने के 3 से 5 दिन बाद बीमार हो रहे थे.

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