हुगली में शुक्रवार को राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग के अध्यक्ष प्रियंक कानूनगो को लोगों के विरोध का सामना करना पड़ा।
पश्चिम बंगाल, क्राइम इंडिया संवाददाता। बंगाल के हुगली जिले में शुक्रवार को राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (एनसीपीसीआर) के अध्यक्ष प्रियंक कानूनगो को लोगों के भारी विरोध का सामना करना पड़ा। वे जिले के जंगीपाड़ा इलाके में हाल में कथित रूप से यौन शोषण के बाद मृत पाई गई एक नाबालिग लड़की के परिवार से मिलने जा रहे थे। इस दौरान रास्ते में उनके काफिले को रोककर उन्हें काले झंडे भी दिखाए गए। उनके साथ शिकायतकर्ता व भाजपा नेता प्रियंका टिबरेवाल भी थीं, उन्हें भी विरोध का सामना करना पड़ा, जिसके बाद पुलिस ने लोगों को शांत करायाहीं, इस घटना को लेकर एनसीपीसीआर अध्यक्ष कानूनगो ने निशाना साधते हुए कहा कि जब यहां की सरकार आयोग को सुरक्षा प्रदान नहीं कर सकती, तो हम बच्चों की सुरक्षा प्रदान करने में सरकार की विफलता के बारे में अंदाजा लगा सकते हैं। उन्होंने कहा कि एक बच्ची की हत्या कर दी गई। सत्ता पक्ष के गुंडे रास्ता रोक रहे हैं और हमें परिवार से मिलने से रोका जा रहा है। उनका इशारा तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ताओं पर था। हालांकि बाद में पीडि़त परिवार से मिलने में वे सफल रहे। कानूनगो उस स्थान पर भी गए, जहां आठ अक्टूबर को तलाब के किनारे से 12 वर्षीय किशोरी का शव बरामद किया गया था। वहीं, परिवार से मुलाकात के बाद उन्होंने कहा कि अब तक हमारी जांच से पता चलता है कि पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई में खामियां हैं। उन्होंने बाद में पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टरों एवं घटना की जांच से जुड़े पुलिस अधिकारियों को भी बुलाकर बात की। बता दें कि विजयादशमी के दिन से रहस्यमय ढंग से लापता किशोरी का शव तीन दिन बाद एक जलाशय से मिलने के बाद हड़कंप मच गया था। मृत किशोरी के परिवार का आरोप है कि किसी ने उसके साथ दुष्कर्म करने के बाद हत्या करके शव को फेंक दिया। हाल में इसी जिले में एक और बच्ची का संदिग्ध हालत में शव बरामद किया गया था। एनसीपीसीआर अध्यक्ष ने उसके परिवार से भी जाकर मुलाकात की। उन्होंने अलग-अलग घटनाओं में दोनों बच्चियों के साथ कथित यौन शोषण के बाद हत्या किए जाने की शिकायत की जांच की।
Edited By : Rahman











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