वाराणसी के बेनियाबाग में चार लोगों की हत्‍या के मामले में तीन अभियुक्तों को मृत्युदंड की सजा, 2012 की घटना

वाराणसी के बेनियाबाग में वर्ष 2012 में चार लोगों की हत्‍या किए जाने के मामले में वाराणसी की अदालत ने तीन लोगों को फांसी की सजा सुनाई है।

वाराणसी, क्राइम इंडिया संवाददाता, ओम शुक्ला। शहर के बेनियाबाग इलाके में मौलूद कब्रिस्तान में वर्ष 2012 में चार लोगों की हत्या के मामले में शुक्रवार को जिला जज डा अजय कृष्ण विश्वेश ने तीन अभियुक्तों क्रमश: अमजद, रमजान और अरशद को मृत्युदंड की सजा सुनाई है। वहीं इसी मामले में चौथी दोषी महिला शकीला को उम्रकैद की सजा सुनाई है। अदालत द्वारा इस चर्चित मामले में शुक्रवार को अदालत से फैसला आना था। फैसले को लेकर अदालत में सुबह से ही गहमागहमी का माहौल बना हुआ था।दरअसल 16 जून 2012 को बेनियाबाग क्षेत्र के निवासी अमजद, रमजान और अरशद के अलावा महिला शकीला ने मिलकर चार लोगों की हत्‍या कर दी थी। इस मामले की जानकारी होने के बाद विवेचना में चार अभियुक्‍त बनाए गए थे। इस प्रकरण में लंबे समय से सुनवाई के दौरान अभियुक्‍तों की वारदात में संलिप्‍तता सामने आई थी। अदालत में इस मामले में आरोपित महिला शकीला को जहां उम्रकैद की सजा सुनाई है वहीं इसी मामले में उसपर 75 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया गया है। इसी मामले में एक अन्य आरोपित इकबाल राइन पर अभियोग सिद्ध न हो पाने के कारण अदालत ने उसको दोषमुक्त कर दिया गया है। इस पूरी प्रक्रिया के दौरान अदालत में अभियोजन पक्ष की ओर से डीजीसी आलोक चंद्र शुक्ला और वादी पक्ष की ओर से अधिवक्ता अनिल कुमार सिंह ने पक्ष रखा था। वहीं चार लोगों की हत्‍या में फांसी की सजा मिलने के बाद अदालत में काफी गहमागहमी का माहौल हो गया। मकान के खरीदने को लेकर उत्पन्न विवाद में 12 साल पूर्व बेनियाबाग स्थित कब्रिस्तान में हुई चार लोगों की बहुचर्चित हत्याकांड में जिला जज डॉ. अजय कृष्ण विश्वेश की अदालत ने शुक्रवार को तीन अभियुक्तों अमजद,रमजान व अरशद को मृत्युदंड की सजा दी। अभियोजन पक्ष के अनुसार सरायगोवर्धन,चेतगंज निवासी सईद उर्फ काजू ने 16 जून 2012 को चौक थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। आरोप था कि साढ़े आठ बजे मो.सईद, उसका दो भाई मो.शफीक उर्फ राजू और मो.शकील उर्फ जाऊ, भतीजे चांद रहीमी व शालू के साथ बाबा रहीम शाह की मजार से निकलकर घर की ओर जा रहे थे। उसी दौरान अमजद,इकबाल राइन, अरशद, रमजान व अमजद की पत्नी शकीला व उसकी बेटी शबनम आदि ने कब्रिस्तान के समीप घेर लिया और बांस के डंडे से बेतहाशा सिर व शरीर पर मारना शुरू कर दिया। शोर सुनकर मजार की साफ-सफाई करने वाले कामिल भाई और भतीजा बीचबचाव करने पहुंचे तो सभी हमलावरों ने उन्हें भी मारना-पीटना शुरू कर दिया। पिटाई से मौके पर ही मो.सईद के भाई शफीक उर्फ राजू व कामिल भाई की मौत हो गयी। घायलों को लेकर मो.सईद व मोहल्ले के लोग अस्पताल पहुंचे,जहां उसके एक और भाई शकील उर्फ जाऊ की मौत हो गयी। इस घटना में गंभीर रूप से घायल भतीजे चांद रहीमी की कुछ दिनों बाद उपचार के दौरान मौत हो गयी थी। अदालत में विचारण के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से कुल 13 गवाहों को परीक्षित कराया गया था। अदालत ने गवाहों के बयान व साक्ष्यों के अवलोकन के बाद एक अक्टूबर को अभियुक्त अमजद,रमजान,अरशद व शकीला को दोषी करार दिया था। अभियुक्तों के खिलाफ सजा के बिंदु पर आज सुनवाई हुई।

Edited By : Rahman

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