अवैध खनन के खूनी खेल में फंसी यूपी पुलिस, इस खेल का किस्सा कितना पुराना इसका राजफाश बाकी

Illegal Mining in Moradabad उत्तराखंड के भरतपुर में बिकरू कांड होने से बच गया। 

मुरादाबाद, क्राइम इंडिया संवाददाता,ओम शुक्ला : उत्तराखंड के भरतपुर में बिकरू कांड होने से बच गया। शायद इसी बात को सोचकर पुलिस अफसर राहत की सांस ले रहे हैं। लेकिन, खनन माफिया के हौसले बुलंद हैं। बीते एक माह में दो घटनाओं ने अवैध खनन के खेल को खूनी बना दिया है। इसका दाग उत्तर प्रदेश पुलिस पर लगा है। अवैध खनन के इस खेल का किस्सा कितना पुराना है, अभी इसकी परतें खुलना शेष हैं। खनन माफिया के हौसले किस कदर बढ़े थे, इसका अंदाजा बीते दिनों हुई घटनाओं को समझकर लगाया जा सकता है। उत्तराखंड बार्डर से डंपरों का पास होना कोई नई बात नहीं हैं। खनन माफिया के साथ साठगांठ का आरोप सत्ताधारी नेताओं से लेकर पुलिस और प्रशासनिक अफसरों तक लगे हैं। यह पहली बार है कि जब खाकी के साथ खनन माफिया खुलकर मुठभेड़ कर रहे हैं, गोली चलाने से भी नहीं झिझक रहे। भरतपुर की घटना में पुलिस के 12 से अधिक लोगों को बंधक बनाकर खनन माफिया ने पीटा, पैरों में गोली मारी। पुलिस कर्मियों को जान बचाने के लिए खेतों में छिपना पड़ा। पड़ोसी राज्य की पुलिस ने भी इस मामले में आग में घी डालने का काम खूब किया। कई मामलों को लेकर आइपीएस अफसर एक-दूसरे के सामने आ गए। इस दौरान कई ऐसे भी मौके आए, जब पीछे के दरवाजे से उत्तराखंड पुलिस के अफसरों ने फोन करके शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए अपने बयानों को मजबूरी बताया। अवैध खनन के इस खेल में यूपी पुलिस से ज्यादा उत्तराखंड पुलिस का ज्यादा दोष है। सूचना देने के बाद भी उत्तराखंड पुलिस सही समय पर नहीं पहुंची। यूपी पुलिस के लापता हुए पुलिस कर्मियों को खोजने के लिए डीआइजी शलभ माथुर और एसएसपी हेमंत कुटियाल को विशेष टीम गठित करनी पड़ी। सीओ सिविल लाइंस डा: अनूप सिंह की अगुवाई में सर्च अभियान चलाना पड़ा। घटना की जानकारी होने के बाद शासन के अफसर सीधे इस मामले में निगाह बनाए हुए हैं। घटना की पल-पल की रिपोर्ट डीजीपी के साथ ही एडीजी ला एंड आर्डर मांग रहे थे। लापता साथियों के मिलने और तहरीर पंजीकृत होने तक की जानकारी शासन से पूछकर अफसर कर रहे थे। इस मामले में डीजीपी ने डीआइजी और एसएसपी से तथ्यात्मक रिपोर्ट साक्ष्य के साथ मांगी है। तड़के करीब साढ़े तीन बजे एसएसपी हेमंत कुटियाल नेफा चौकी पहुंच गए। इस दौरान उन्होंने करीब तीन घंटे तक नेफा चौकी में बैठकर बार्डर से आ रहे अवैध डंपरों को सीज कराया। इस दौरान खनन और प्रशासन की टीम को भी बुला लिया गया। एसएसपी के आदेश पर लगभग 21 डंपरों को सीज किया गया। एक दिन में इतने बड़े पैमाने पर डंपर सीज करके खनन करने वालों को पुलिस ने सीधा संदेश देने का काम किया।

Edited By : Rahman

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