UP Police Attacked उत्तराखंड के ऊधमसिंह नगर के कुंडा थाना क्षेत्र के भरतपुर गांव निवासी गुरताज सिंह उर्फ भुल्लर का भेद जाने बिना ही मुरादाबाद पुलिस उसका किला भेदने पहुंच गई थी। पुलिस टीम बिना किसी तैयारी के भरतपुर गांव में भुल्लर के आवास में घुस गई।
क्राइम इंडिया संवाददाता ओम शुक्ला, मुरादाबाद। उत्तराखंड के ऊधमसिंह नगर के कुंडा थाना क्षेत्र के भरतपुर गांव निवासी गुरताज सिंह उर्फ भुल्लर का भेद जाने बिना ही मुरादाबाद पुलिस उसका किला भेदने पहुंच गई थी। पुलिस टीम बिना किसी तैयारी के भरतपुर गांव में भुल्लर के आवास में घुस गई। वहां पुलिस टीम को बंधक बना लिया गया तो उन्हें पुलिस कर्मियों को अहसास हुआ, कि उन्होंने गलत फैसला ले लिया। पुलिस टीम को अपनी जान बचाना भारी पड़ गया। उत्तराखंड के साथ ही पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भुल्लर के पल्लूपुर फार्म के बारे में प्रत्येक अपराधी जानता है। आस-पास के क्षेत्र के अपराधियों के लिए पल्लूपुर फार्म सुरक्षित पनाहगाह माना जाता था। ठाकुरद्वारा पुलिस के द्वारा जो प्राथमिकी दर्ज की गई है, उसमें भुल्लर के नाम का उल्लेख किया गया है। पुलिस का दावा है कि जब उन्होंने घर में छापेमारी की, उस समय 50 हजार रुपये का इनामी खनन माफिया जफर वहीं छिपा हुआ था। पुलिस का आरोप है कि भुल्लर के घर में छापेमार के दौरान 30 से 35 लोगों ने दरवाजा बंद करके हमला कर दिया। इसके बाद पुलिस कर्मियों की लाठी-डंडों से पिटाई शुरू कर दी गई। आरोपित को छुड़ाने के लिए पुलिस कर्मियों पर जानलेवा हमला किया गया। ठाकुरद्वारा थाना प्रभारी योगेंद्र कुमार सिंह का दो जगह से हाथ टूट गया। इस दौरान अवैध असलहों से की गई फायरिंग में दो पुलिस कर्मी गोली लगी। इसी दौरान घर के अंदर एक महिला की गोली लगने से मौत हो गई। मृतक महिला के स्वजन का आरोप है कि छापेमारी करने आई टीम ने महिला को गोली मारी है। जबकि मुरादाबाद पुलिस ने इस मामले में अभी तक कुछ भी स्पष्ट नहीं किया है। उत्तराखंड के कुंडा थाना पुलिस गुरुवार को मुरादाबाद के कासमास अस्पताल पहुंची। इसी अस्पताल में पांच घायल पुलिस कर्मियों को भर्ती करके इलाज किया जा रहा है। मृतक महिला के पति गुरताज सिंह उर्फ भुल्लर ने कुंडा थाने में तहरीर देकर 10 से 12 पुलिस कर्मियों के खिलाफ घर में घुसकर हमला करने और हत्या का आरोप लगाते हुए प्राथमिकी दर्ज कराई है। इसी मामले में उत्तराखंड पुलिस की एक टीम गुरूवार दोपहर कासमास अस्पताल पहुंची। इस दौरान उत्तराखंड की पुलिस टीम ने वहां भर्ती पुलिस कर्मियों के बारे में जानकारी लेने के साथ ही उनके इलाज के संबंध में जानकारी मांगी। अस्पताल में मौजूद सिविल लाइंस थाना प्रभारी गजेन्द्र सिंह ने उत्तराखंड की पुलिस टीम को पूरे मामले की जानकारी दी। कुछ देर रुकने के बाद पुलिस टीम वापस हो गई।
Edited By : Rahman











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