West Bengal News: तृणमूल कार्यकर्ताओं के चोर-चोर के नारे से सांसद दिलीप घोष हुए नाराज, बोले- मेरे इलाके में मुझे ही आंख दिखाओगे

West Bengal News घोटाले में गिरफ्तार तृणमूल नेता-विधायकों के खिलाफ चोर-चोर के नारे लग रहे हैं तृणमूल ने भाजपा सांसद खिलाफ लगा दिए चोर के नारे।

पश्चिम बंगाल कोलकाता, क्राइम इंडिया संवाददाता: शिक्षक भर्ती घोटाले में गिरफ्तार कद्दावर तृणमूल नेता व राज्य के वरिष्ठ मंत्री रहे पार्थ चटर्जी से लेकर विधायक मानिक भट्टाचार्य यहां तक कि गाय तस्करी में पकड़े गए अनुब्रत मंडल के खिलाफ चोर-चोर के नारे लगते रहे हैं। यहां तक कि तृणमूल के अन्य जनप्रतिनिधियों व मंत्रियों के खिलाफ भी चोर-चोर के नारे लगने लगे थे। इसे लेकर तृणमूल सांसद कल्याण बनर्जी, सौगत राय से लेकर सत्तारूढ़ दल के कई नेता-विधायकों ने पिटाई की धमकी के साथ-साथ ऐसा कहने वालों के चमड़े से जूता बनाने तक की बातें कही थी। यहां तक कि सीएम ममता बनर्जी ने भी नाराजगी जताई थी। अब भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और सांसद दिलीप घोष के दशहरा के उपलक्ष्य में आयोजि विजया सम्मेलन में भाग लेने के लिए पश्चिम मेदिनीपुर के बेलदा पहुंचे थे। वहां वह दैनिक रूटीन के तहत मार्निंग वाक के लिए निकले थे। उनके दिखते ही तृणमूल के कार्यकर्ताओं ने चोर-चोर के नारे लगाने लगे। इसके बाद भाजपा और तृणमूल कार्यकर्ता एक-दूसरे से भिड़ गए। बाद में दिलीप घोष स्थानीय एक चाय की दुकान पर चाय पीने लगे, तो फिर तृणमूल कार्यकर्ताओं ने बवाल मचाना शुरू कर दिया। इससे दिलीप काफी गुस्सा हो गए और कहा कि मेरे ही संसदीय इलाके में मुझे ही आंख दिखाओगे। मैं उनके सीने पर पांव रखकर जाउंगा। शुक्रवार की सुबह भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष व स्थानीय सांसद अपने संसदीय क्षेत्र पश्चिम मेदिनीपुर के बेलदा स्टेशन, नंदा मार्केट समेत कई जगहों पर घूम रहे थे। उसी दौरान अचानकक तृणमूल कार्यकर्ता पहुंच गए और नारेबाजी करने लगे। साथ ही पूछने लगे कि नारायणगढ़ विधानसभा के लिए उन्होंने क्या काम किया? वे ‘गो बैक’ के नारे भी लगाने लगे। कुछ लोग दिलीप को चोर-चोर कहने लगे। भाजपा नेता ने कहा कि मैं तुम्हारे सीने पर पैर रखूंगा। वहां भाजपा व तृणमूल कार्यकर्ताओं के बीच मारपीट होने लगी। बेलदा थाने की पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को सामान्य किया। दिलीप ने बाद में कहा कि विजया सम्मेलन का आयोजन भाजपा की ओर से किया जा रहा है। हमें देखकर तृणमूल नेता भी विजया सम्मेलन करने लगे हैं। हम अपने विजया सम्मेलन में आते हैं, मिठाई खाते हैं, गले मिलते हैं, आनंदित होकर घर जाते हैं और वे एक दूसरे को गाली दे रहे हैं और लड़ रहे हैं। तृणमूल के कुछ लोग नारे लगाने लगे। मुझे लगभग 45 मिनट हो गए हैं। वे भी चले गए। जहां मैं चाय पी रहा था, वे वहां आए और नारे लगाए। ये नहीं चलेगा।

Edited By : Rahman

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