ED की जांच में आया सामने, किस बात को लेकर मानिक भट्टाचार्य और पार्थ चटर्जी के बीच छिड़ गया था विवाद

पश्चिम बंगाल कोलकाता, क्राइम इंडिया संवाददाता, शिक्षक भर्ती घोटाले की काली कमाई के बंटवारे को लेकर बंगाल के पूर्व शिक्षा मंत्री पार्थ चटर्जी और पश्चिम बंगाल प्राथमिक शिक्षा बोर्ड के पूर्व चेयरमैन व तृणमूल कांग्रेस विधायक मानिक भट्टाचार्य में विवाद छिड़ गया था। ईडी सूत्रों ने यह दावा किया है। साथ बिठाकर पूछताछ करने पर दोनों ने इस बात से इनकार किया था लेकिन अलग तौर पर पूछताछ करने पर दोनों ने ही इसे स्वीकार किया है। ईडी को अपनी जांच में पता चला है कि मानिक पार्थ को बताए बिना शिक्षकों की भर्ती कर रहे थे और इसकी एवज में वसूल रहे रुपयों का उन्हें हिसाब भी नहीं दे रहे थे। इसे लेकर पार्थ ने मानिक को कई बार आगाह किया था। गौरतलब है कि मानिक के प्राथमिक शिक्षा बोर्ड के अध्यक्ष रहते करीब 75 हजार उम्मीदवारों को शिक्षक की नौकरी मिली थी। ईडी ने अपनी जांच में पाया है कि मानिक के इशारे पर जिला प्राथमिक शिक्षा कार्यालयों के अध्यक्षों को रिक्त उत्तर पुस्तिकाएं भेजी जाती थीं और उन्हें उन्हीं परीक्षार्थियों की उत्तर पुस्तिकाओं को कोलकाता स्थित प्राथमिक शिक्षा बोर्ड के कार्यालय में सिफारिश के तौर पर जमा करने के लिए लिखित तौर पर निर्देश दिया जाता था। उत्तर पुस्तिकाओं के जमा करने पर उनमें सही उत्तर भरकर और मनमाफिक नंबर देकर उन परीक्षार्थियों से रुपये लेकर नौकरी दे दी जाती थी। इस बीच ईडी ने मानिक भट्टाचार्य के एक करीबी के महिषबाथान इलाके में स्थित शिक्षक प्रशिक्षण केंद्र के कार्यालय में छापामारी की है। प्राप्त जानकारी के मुताबिक ईडी की टीम ने मिनर्वा एजुकेशनल एंड वेलफेयर सोसायटी के कार्यालय में दबिश दी। ईडी को इस संस्थान के तार शिक्षक भर्ती घोटाले से जुड़े होने का संदेह है।

Edited By : Rahman

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