Gju में अब एक नया विवाद सामने आया है। रिजल्ट से परेशान छात्रा ने जीजेयू की रिजल्ट ब्रांच की तीन मंजिला छत से छलांग लगा आत्महत्या की कोशिश की है।
क्राइम इंडिया संवाददाता, हिसार गुरु जंभेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (जीजेयू) में शनिवार दोपहर को एक छात्रा ने रिजल्ट में खामियों से परेशान होकर रिजल्ट ब्रांच की तीन मंजिला छत से छलांग लगाकर आत्महत्या करने की कोशिश की। मगर उस समय छत पर एक स्टाफ पहले से किसी काम के लिए गया हुआ था। रिजल्ट ब्रांच में तैनात सिक्योरिटी गार्ड व महिला कर्मी गेट को तोड़कर छत पर पहुंचे और छात्रा को बचाया। इसके बाद छात्रा को नीचे लेकर आए और पुलिस को भी सूचना दी। पुलिस ने छात्रा के परिजनों से संपर्क साधा और घटना के बारे में अवगत करवाया। मगर छात्रा किसी की नहीं सुन रही थी और एक ही जिद्द पर अड़ी थी कि मैं आज जिंदा नहीं बचूंगी। मुझे चक्कर कटा-कटाकर परेशान कर दिया है। छात्राओं ने बताया कि वह आदमपुर कालेज की बीए फाइनल की छात्रा है। हाल ही में छठे समेस्टर के पेपर आफलाइन हुए थे। परीक्षा परिणाम में छात्रा के अंग्रेजी विषय में 17 नंबर आए थे। इस रिजल्ट को ठीक कराने के लिए छात्रा ने काफी चक्कर लगाए। आखिर में उत्तर पुस्तिका को दोबारा चेक करवाने के लिए रिवोल्यूशन का फार्म भरा था। उसके बाद भी अंग्रेजी में 17 नंबर मिले। इससे छात्रा परेशान हो गई। सभी छात्राओं ने हंगामा शुरू कर दिया और रिजल्ट में गड़बड़ी का आरोप लगाया। वहीं जिम्मेदार अफसर गायब मिले। बाकी स्टाफ शनिवार को छुट्टी के दिन भी काम कर रहा था। यह मामला काफी चर्चा में रहा। हर कोई कह रहा था कि ऐसी बात है तो नंबर दे देने चाहिए। यह आफलाइन परीक्षा हुई थी, उसमें भी यह हाल। दरअसल परीक्षा परिणाम में गड़बड़ी काे लेकर छात्र कई बार रोष प्रदर्शन कर चुके है। इसके बावजूद रिजल्ट की दिक्कतें कम नहीं हो रही। विवि प्रशासन भी मौन धारण कर बैठा है। छात्राओं ने बताया कि विश्वविद्यालय सही तरह से रिजल्ट नहीं दे रहा है। कालेज में काफी छात्राें की अंग्रेजी विषय में रिअपीयर दी हुई है। सभी ने रिवाेल्यूशन का फार्म भरा हुआ था। रिजल्ट ब्रांच के स्टाफ ने उन सभी को शनिवार सुबह बुलाया था और कहा कि सीट चेक करवा दी है। रिजल्ट देख लेना। इसलिए वह सभी रिजल्ट ब्रांच में आए थे और देखा कि सीट चेक नहीं करवाई और वहीं पहले वाले नंबर दिए हुए हैं। ऐसे में एक छात्रा मानसिक परेशान हो गई और उसने यह कदम उठाने का प्रयास किया। छात्रा ने केयूके में एएससी जियोग्राफी के लिए आवेदन किया हुआ है। अब दाखिला नहीं ले सकती। रिजल्ट देखते ही छात्रा जोर-जोर से चिल्लाने की लगी और बोली आज वह नहीं बचेगी। वह सीधा ब्रांच की तीसरी मंजिल छत पर पहुंची और गेट की कुंडी लगा ली। छत से कूदने का प्रयास करने लगी। वहां पर मौजूद स्टाफ ने गेट की कुंडी खोलकर छात्रा को नीचे लाने की कोशिश की। छात्रा नहीं मानी और बार-बार जान देने की बात कह रही थी तो कुंडी दोबारा लगा दी। उसी समय सिक्योरिटी गार्ड व महिला कर्मी ऊपर गए और गेट बंद मिला। फिर गेट की निचली चद्दर को उखाड़ा और छत पर पहुंचे। इसके बाद छात्रा को काफी समझाया और नीचे लेकर आए। विवि की रिजल्ट ब्रांच में सरेआम आत्महत्या का प्रयास करने के बाद छात्रा को पुलिस व सिक्योरिटी गार्ड ने काफी समझाया, पर छात्रा ने किसी की एक न सुनी। पुलिस छात्रा से बोली कि अकेली घर मत जाओ, आपके घरवाले यहां आ रहे है। उनके साथ चले जाना। पुलिस को भी डर था कि छात्र अकेले में कोई गलत कदम न उठाना। छात्रा अकेली अपने गांव घर रवाना हो गई। विवि प्रशासन का कहना था कि सीट को सही से चेक करवाया गया है। दूसरे शिक्षक ने सीट चेककर नंबर दिए है। हर छात्र को सीट नहीं दिखा सकते। शिक्षक को सीट चेक के लिए देने से पहले नंबर छिपा दिए जाते है, ताकि सही नंबर मिले। अगर छात्र को आपत्ति है तो आरटीआइ से पता कर सकते है। इसका मतलब यह नहीं कि आत्महत्या करें।
किसी छात्र को एक तो किसी को दो विषय में रिअपीयर दी हुई है।
किसी छात्र को पेपर देने के बाद भी गैरहाजिर दिखाया हुआ।
पहले जारी रिजल्ट में किसी विषय में नंबर ज्यादा दिए तो बाद में जारी रिजल्ट में कम दिए नंबर।
हिंदी व अंग्रेजी विषय में अधिकांश छात्रों को रिअपीयर दी हुई है।
किसी छात्र की पीडीएफ सबमिट न होने या उसमें साफ दिखाई न देने से सीट चेक ही नहीं हुई।
मेल आइडी पर भेजी पीडीएफ को चेक नहीं किया।
Edited By : Rahman











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