पश्चिम बंगाल कोलकाता, क्राइम इंडिया संवाददाता: तृणमूल कांग्रेस विधायक व बंगाल प्राथमिक शिक्षा बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष मानिक भट्टाचार्य के मामले में सुप्रीम कोर्ट अब मंगलवार को अपना फैसला सुनाएगा। न्यायमूर्ति अनिरुद्ध बसु की खंडपीठ के समक्ष सालिसिटर जनरल तुषार मेहता ने ईडी की ओर से एक हलफनामा दायर किया। इसके बाद पीठ ने मंगलवार को मामले पर सुनवाई की अनुमति दी। दरअसल, तृणमूल विधायक मानिक भट्टाचार्य ने कलकत्ता हाई कोर्ट के फैसले को चुनौती दी थी, जहां हाईकोर्ट ने सीबीआइ के समन पर रोक लगाने से इनकार कर दिया था। इस बीच ईडी हिरासत में मानिक भट्टाचार्य अस्वस्थ हो गए हैं। उनकी जोका ईएसआइ अस्पताल में जांच चल रही है। बता दें कि प्राथमिक शिक्षक भर्ती घोटाले में सीबीआइ (CBI)ने मानिक को तलब किया था, इसके बाद उन्होंने पहले कलकत्ता हाई कोर्ट में अपली की थी और वहां से राहत नहीं मिलने पर सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। सुप्रीम कोर्ट ने भट्टाचार्य की याचिका पर सुनवाई के बाद 30 सितंबर को अपना फैसला सुरक्षित रखते हुए सीबीआइ की गिरफ्तारी से सुरक्षा बढ़ाने की मांग को भी स्वीकार कर लिया था और अगले आदेश तक अंतरिम सुरक्षा प्रदान करते हुए जांच में सहयोग करने को कहा था। हालांकि, अदालत ने स्पष्ट किया था कि मामले में सीबीआइ जांच पर कोई रोक नहीं है। बता दें कि 10 अक्टूबर को मानिक भट्टाचार्य को ईडी ने सीजीओ परिसर में रात भर की पूछताछ के बाद भर्ती घोटाले की जांच में असहयोग के आरोप में गिरफ्तार कर लिया। दूसरी ओर, विधायक को ईडी बीमारी के चलते ईएसआइ अस्पताल जोका ले गए थे। रविवार को उन्हें मेडिकल चेकअप के लिए जोका भी ले जाया गया था। इसके बाद सोमवार को भी भट्टाचार्य का स्वास्थ्य परीक्षण कराया गया। हालांकि ईडी सूत्रों के मुताबिक मानिक भट्टाचार्य को कोई गंभीर बीमारी नहीं है। वह पिछले कुछ दिनों से कुछ शारीरिक समस्याओं से जूझ रहे हैं। इसीलिए उन्हें फिर से ईएसआइ जोका ले जाया गया था। क्योंकि रविवार को उनके कुछ शारीरिक परीक्षण नहीं हो सका था।
Edited By : Rahman











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