प्रतापगढ़, क्राइम इंडिया संवाददाता। फतनपुर इलाके की सामूहिक दुष्कर्म की पीड़ित किशोरी ने घटना के बाद दोबारा अपने हाथ की नस काटने की कोशिश की है। खून बहता देख परिवार के लोग आनन फानन उसे सीएचसी गौरा ले गए, वहां प्राथमिक उपचार के बाद उसे डिस्चार्ज कर दिया गया। बेटी की मानसिक हालत खराब होने से परिवार के लोग भी परेशान हैं। अपने साथ हुई दरिंदगी के बाद से लड़की गुमसुम और दुखी रहती है। फतनपुर इलाके की 17 वर्षीय किशोरी से 23 सितंबर को गजेहड़ा देल्हूपुर जंगल में सामूहिक दुष्कर्म किया गया था। घटना के दूसरे दिन पुलिस ने तीन आरोपितों को गिरफ्तार करके जेल भेज दिया था जबकि एक आरोपित युवकों ने बाद में कोर्ट में आत्मसमर्पण किया था। घटना के दो दिन बाद 25 सितंबर को दुष्कर्म पीड़ित किशोरी ने एक हाथ की नस काटकर जान देने की कोशिश की थी। हफ्ते भर तक उसका इलाज प्रयागराज के स्वरूपरानी नेहरू अस्पताल चला था जिसके बाद उसकी जान बचाई जा सकी। मगर तब से वह मानसिक रूप से बेहद तनाव में रहती है। अब इतने दिनों बाद दुष्कर्म पीड़िता ने फिर हाथ की नस काटने का प्रयास किया। हाथ से खून बहता देख परिवार के लोग फौरन अस्पताल ले गए। मरहम पट्टी करने से उसके हाथ से ब्लीडिंग रुक गई। इस बारे में सीएचसी गौरा के चिकित्सक आरके तिवारी ने बताया कि दोपहर करीब तीन बजे किशोरी को लेकर परिवार के लोग अस्पताल आए थे, उसके हाथ में सामान्य घाव था। उपचार के बाद उसे स्वजन घर ले गए। परिवार के लोगों को हिदायत दी गई है कि वे बेटी पर हर वक्त नजर रखें और कभी अकेला नहीं छोड़े।
Edited By : Rahman











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