पश्चिम बंगाल कोलकाता, क्राइम इंडिया संवाददाता। सुप्रीम कोर्ट ने पश्चिम बंगाल प्राथमिक शिक्षा बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष व तृणमूल कांग्रेस विधायक मानिक भट्टाचार्य याचिका खारिज कर दी है। न्यायाधीश अनिरुद्ध बोस व न्यायाधीश विक्रम नाथ की खंडपीठ ने गुरुवार को यह फैसला सुनाया। मानिक ने प्राथमिक शिक्षकों की नियुक्ति में अनियमितताओं से जुड़े मनी लांड्रिंग मामले में ईडी (ED) के हाथों अपनी गिरफ्तारी को चुनौती दी थी। सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले के बाद मानिक को 25 अक्टूबर तक ईडी की हिरासत में ही रहना पड़ेगा। ईडी ने मानिक को आर्थिक गबन के आरोप में गिरफ्तार किया था। खंडपीठ ने अपने फैसले में कहा कि ईडी के हाथों मानिक की गिरफ्तारी में कुछ भी गलत नहीं है। गौरतलब है कि मानिक एक दशक तक प्राथमिक शिक्षा बोर्ड के अध्यक्ष रहे। कलकत्ता हाई कोर्ट के निर्देश पर उन्हें पद से हटाया गया था। ईडी का दावा है कि उनके कार्यकाल के दौरान प्राथमिक शिक्षकों की नियुक्ति में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार हुआ। ईडी सूत्रों ने बताया कि शिक्षक भर्ती घोटाले की काली कमाई के बंटवारे को लेकर बंगाल के पूर्व शिक्षा मंत्री पार्थ चटर्जी और मानिक भट्टाचार्य में विवाद छिड़ गया था। मानिक पार्थ को बताए बिना शिक्षकों की भर्ती कर रहे थे और इसकी एवज में वसूल रहे रुपयों का उन्हें हिसाब भी नहीं दे रहे थे। इसे लेकर पार्थ ने मानिक को कई बार आगाह किया था। गौरतलब है कि मानिक के प्राथमिक शिक्षा बोर्ड के अध्यक्ष रहते करीब 75 हजार उम्मीदवारों को शिक्षक की नौकरी मिली थी। ईडी ने अपनी जांच में पाया है कि मानिक के इशारे पर जिला प्राथमिक शिक्षा कार्यालयों के अध्यक्षों को रिक्त उत्तर पुस्तिकाएं भेजी जाती थीं और उन्हें उन्हीं परीक्षार्थियों की उत्तर पुस्तिकाओं को कोलकाता स्थित प्राथमिक शिक्षा बोर्ड के कार्यालय में सिफारिश के तौर पर जमा करने के लिए लिखित तौर पर निर्देश दिया जाता था। उत्तर पुस्तिकाओं के जमा पडऩे पर उनमें सही उत्तर भरकर और मनमाफिक नंबर देकर उन परीक्षार्थियों से रुपये लेकर नौकरी दे दी जाती थी।
Edited By : Rahman











Total Users : 72357
Total views : 74198