बंगाल की राजनीति : बंगाल सरकार की लक्ष्मी भंडार योजना को मिला स्काच पुरस्कार, ममता ने जताई खुशी

श्चिम बंगाल, क्राइम इंडिया संवाददाता। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने शनिवार को कहा कि बंगाल ने अपनी लोकप्रिय लक्ष्मी भंडार योजना के लिए महिला एवं बाल विकास श्रेणी में प्रतिष्ठित स्काच पुरस्कार प्राप्त किया है। ममता ने इस पर खुशी जताते हुए कहा कि यह सम्मान उनकी सरकार और राज्य की लगभग दो करोड़ महिलाओं के लिए है जिन्हें इस योजना द्वारा सशक्त बनाया गया है। उन्होंने कहा कि महिला सशक्तीकरण सरकार की प्राथमिकता सूची में है। उन्होंने ट्वीट किया, मुझे यह घोषणा करते हुए गर्व हो रहा है कि राज्य सरकार की कल्याणकारी योजना लक्ष्मी भंडार को महिला एवं बाल विकास श्रेणी में स्काच पुरस्कार मिला है। बंगाल सरकार ने परिवार की महिला मुखिया को वित्तीय सहायता प्रदान करने के लिए पिछले साल अगस्त, 2021 में इस योजना को शुरू की थी। इस योजना के तहत सामान्य जाति वर्ग के लिए 500 रुपये प्रति माह और अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति वर्ग के लिए 1,000 रुपये प्रति माह दिया जा रहा है। सरकार के सूत्रों ने बताया कि राज्य सरकार इस योजना के लिए वर्ष भर में लगभग 11,000 करोड़ रुपये खर्च करती है। बता दें कि स्काच पुरस्कार को दिये जाने की शुरुआत 2003 में हुई थी। स्काच पुरस्कार शासन, समावेशी विकास, प्रौद्योगिकी, प्रबंधन, कार्पोरेट नेतृत्व, नागरिक सेवा वितरण, क्षमता निर्माण और अन्य के बीच सशक्तीकरण के लिए दिया जाता है। बता दें कि एक तरफ बंगाल सरकार जहां लक्ष्मी भंडार जैसी योजना को स्काच पुरस्कार मिलने पर अपनी पीठ थपथपा रही है, दूसरी ओर राज्य इस समय भारी वित्तीय संकट से जूझ रहा है। राज्य सरकार ने भारतीय रिजर्व बैक (आरबीआइ) से 10 हजार करोड़ रुपये के ऋ ण का अनुरोध किया है। राज्य विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष और भाजपा विधायक सुवेंदु अधिकारी ने शुक्रवार को ट्वीट कर यह दावा किया था। सुवेंदु ने केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से अनुरोध किया कि बंगाल सरकार के अनुरोध को स्वीकार नहीं करें, क्योंकि तृणमूल कांग्रेस की सरकार सरकारी खजाने (पैसे) का दुरुपयोग कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस राशि का इस्तेमाल विकास कार्यों के लिए नहीं बल्कि राज्य सरकार लक्ष्मी भंडार जैसी अपनी लाभकारी योजनाओं के लाभार्थियों के भुगतान में करेगी। सुवेंदु ने दावा किया कि ममता बनर्जी सरकार पहले ही एफआरबीएम अधिनियम के तहत उधार की सीमा का उल्लंघन कर चुकी है और राज्य पर करीब छह लाख करोड़ रुपये का पहले से ही कर्ज है। उन्होंने वित्त मंत्री सीतारमण से अनुरोध किया, यदि इस ऋण की अनुमति दी जाती है तो भारत सरकार की बहुमूल्य निधि सार्वजनिक निधियों के दुरूपयोग से नष्ट हो जाएगी।

Edited By : Rahman

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