दिल्ली: दिल्ली के अस्पतालों में नर्सिंग स्टाफ आज हड़ताल पर, 2 घंटे तक प्रभावित रहेगी स्वास्थ्य व्यवस्था

नई दिल्ली, क्राइम इंडिया संवाददाता। दिल्ली सरकार के अस्पतालों में नर्सिंग कर्मचारी आज बुधवार से शुक्रवार तक सुबह दो घंटे सांकेतिक हड़ताल कर रहे हैं। इस हड़ताल की घोषणा दिल्ली नर्सेज फेडरेशन ने की है। फेडरेशन ने पिछले दिनों स्वास्थ्य विभाग के समक्ष नर्सिंग कर्मचारियों की पदोन्नति, कर्मचारियों के नए पद सृजित करने, नई नियुक्ति सहित कई मांगे रखी थीं। नर्सिंग कर्मचारियों को पदोन्नति भी दे दी गई। लेकिन, फेडरेशन इससे संतुष्ट नहीं है। इसी कड़ी में पदोन्नति मिलने के बाद भी तैनाती नहीं मिलने, दूसरी जगह तैनात किए गए नर्सिंग स्टाफ को वापस बुलाने सहित कई मांगों को लेकर जीटीबी अस्पताल में नर्सिंग और संविदा पर कार्यरत कर्मचारियों ने हड़ताल शुरू की। तीन दिन दो-दो घंटे हड़ताल करेंगे। इसके बाद भी मांग नहीं मानी गई तो अनिश्चितकालीन हड़ताल का ऐलान किया गया है। इस दौरान इमरजेंसी और आइसीयू में स्टाफ कार्य कर रहे हैं। बाकी विभाग हड़ताल में शामिल हैं। इस दौरान मौके पर पहुंचे अतिरिक्त चिकित्सा अधीक्षक डा. अनिल यादव ने हड़ताल में शामिल कर्मचारियों को काम पर वापस लौटने की अपील की। डा. अनिल यादव ने कहा कि जो मांगें अस्पताल स्तर की हैं उन्हें 31 दिसंबर तक पूरी कर दी जाएंगी। जो सरकार के स्तर पर हैं उनके लिए अतिरिक्त प्रयास किया जाएगा। उधर, ठंड शुरू होने के साथ ही अभी डेंगू के मरीजों की संख्या में कमी आई थी, लेकिन घर-घर जाकर मच्छरों को पनपने से रोकने के लिए काम करने वाले डोमेस्टिक ब्रीडिंग चेकर्स (डीबीसी) कर्मियों के हड़ताल पर जाने एक बार फिर मच्छरजनित बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। चूंकि इस वर्ष ज्यादा मरीज डेंगू के सामने आ रहे हैं ऐसे में डेंगू के मरीजों की संख्या आने वाले दिनों में बढ़ सकती है। चिंता की बात यह है कि मंगलवार से शुरू हुई डीबीसी कर्मियों की हड़ताल अनिश्चितकालीन है और चार कर्मी क्रमिक भूख हड़ताल भी कर रहे हैं। कर्मचारी इस बात पर अड़े हुए हैं कि जब तक मांगे मानी नहीं जाएगी वह इस बार हड़ताल को केवल आश्वासन पर खत्म नहीं करेंगे। दिल्ली नगर निगम मुख्यालय सिविक सेंटर के बाहर हड़ताल कर रहे कर्मचारियों ने मंगलवार को निगम अधिकारियों के खिलाफ नारेबाजी की और अपनी मांगों को जल्द से जल्द पूरा करने की बात कही। एंटी मलेरिया एकता कर्मचारी यूनियन के अध्यक्ष देवानंद शर्मा ने डीबीसी कर्मचारियों के साथ 27 वर्षों से अन्याय हो रहा है। हम लोग अपनी जान जोखिम में डालकर घर-घर जाकर फागिंग के साथ मच्छरों के पनपने की जांच करते हैं। इतना ही नहीं मच्छररोधी दवाओं का छिड़काव भी करते हैं। बावजूद इसके डीबीसी का पद तक आधिकारिक रूप से एमसीडी में नहीं है। इतना ही नहीं न तो हमें अस्पताल में इलाज की सुविधा मिलती है और न ही कोई भी सरकारी सुविधा। दिल्ली में 3500 डीबीसी कर्मी है। प्रत्येक कर्मी को एक दिन में न्यूयनतम 70 घरों की जांच करनी होती है। ऐसे में सभी कर्मचारियों की हड़ताल से जांच प्रभावित होगी जिससे मच्छरजनित बीमारियों के मरीजों की संख्या बढ़ सकती है। दिल्ली में इस समय डेंगू के 2175 मरीज, मलेरिया के 200 और चिकनगुनिया के 40 मरीज दर्ज हो चुके हैं। बीते एक सप्ताह निगम ने सात लाख से ज्यादा घरों की जांच की थी और 3926 घरों में मच्छर पनपने हुए मिले थे।

Edited By : Rahman

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