कानपुर, क्राइम इंडिया संवाददाता। काम दिलाने के बहाने ले जाकर केमिकल डालकर नेत्रहीन बना यातनाएं देकर भीख मंगवाने वाले गिरोह के चंगुल से छूटे यशोदा नगर एस ब्लाक नाला रोड के सुरेश मांझी की शुक्रवार को तबीयत बिगड़ गई। स्वजन उसे लेकर नौबस्ता थाने पहुंचे, जहां से पुलिस उसे एलएलआर अस्पताल ले जाकर भर्ती कराया। वहीं, पुलिस आयुक्त के आदेश पर पुलिस की एक टीम आरोपित की तलाश में दिल्ली रवाना हो गई। मूलरूप से बिहार में सिवान के गोरियाकोठी के पिपरा गांव निवासी रमेश मांझी ने बताया कि करीब 20 साल पहले वह परिवार के साथ मछरिया में रहने आए थे। माता-पिता का निधन हो चुका है। वह पत्नी छठी देवी, तीन बच्चे व छोटे भाई सुरेश मांझी के साथ रहकर मजदूरी करता है। जबकि मझला भाई परवेश मांझी गांव में रहता है। सुरेश के मुताबिक, वह किदवई नगर लेबर मंडी में हर रोज काम के लिए जाता था। तभी करीब छह माह पहले गुलाबी बिल्डिंग के पास रहने वाला विजय उसके पास आया और बाहर ज्यादा पैसे मिलने की बात कहकर उसे अपने साथ ले गया। वह भी कमाई की लालच में उसके साथ चल दिया। वह पहले उसे झकरकटी के पास एक महिला के घर ले गया और उसे हाथ-पैर बांधकर तीन-चार दिन छत पर रखा। दो दिनों तक तो पानी और एक रोटी देते रहे। इसके बाद वह आंख पर पट्टी व मुंह में कपड़ा ठूंसकर मछरिया में एक घर ले गया, जहां उसे 12 दिन छत पर रखा ओर रोज पीटता था। इस बीच वह जब सो रहा था। तभी विजय ने आखां में कोई केमिकल डाल दिया। जिससे वह नेत्रहीन हो गया। बाद में उसे 70 हजार में बेच दिया। खरीदार राजा नाम के व्यक्ति विजय के साथ उसे दिल्ली ले गया और हर रोज यातनाएं देकर उससे भीख मंगवाता था। कई इंजेक्शन लगाए जाने से शरीर मे संक्रमण फैल गया। हालत बिगड़ने पर उसे वहां से कानपुर लाया गया,जहां वह उनके चंगुल से छूटकर घर पहुंचा। तब नौबस्ता पुलिस ने विजय राजा व एक महिला के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कांशीराम अस्पताल में मेडिकल करवाया। चचेरे भाई होशियार मांझी ने बताया कि सुबह सुरेश की हालत बिगड़ी की पुलिस की मदद से उसे एलएलआर अस्पताल में भर्ती कराया गया।
Edited By : Rahman











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