संभल, क्राइम इंडिया संवाददाता : बरेली-अलीगढ़ पैसेंजर ट्रेन में करीब चार महीने पहले 29 जून को अलीगढ़ की युवती का शव मिला था। युवती की दुष्कर्म के बाद हत्या की गई थी। दुष्कर्म होने की बात की पुष्टि चार महीने बाद हुई है। इससे यह बात साफ हो गयी है कि दुष्कर्म के बाद उसकी हत्या की गई थी। जीआरपी ने दुष्कर्म के मामले में एक सिपाही समेत चार लोगों को गिरफ्तार किया है। आरोपितों में दो युवती की कंपनी के अधिकारी भी शामिल है। युवती बरेली की एक कंपनी में काम करती थी। अब जीआरपी युवती की हत्या की गुत्थी सुलझाने में लगी है। 29 जून को अलीगढ़ की युवती का शव बरेली-अलीगढ़ पैसेंजर में मिला था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में युवती के हाथ पर चोट के निशान मिले थे। शव का पोस्टमार्टम डाक्टरों के पैनल से कराया गया था। दुष्कर्म की आशंका के चलते जीआरपी ने स्लाइड जांच को भी भेजी थी। युवती की हत्या गला दबाने से होने की पुष्टि हुई है। रिपोर्ट के मुताबिक 17 से 19 घंटे पहले हत्या हुई थी। जीआरपी ने इस मामले में प्राथमिकी दर्ज करके विवेचना शुरू की। जीआरपी चंदौसी के प्रभारी निरीक्षक कौशलेंद्र नाथ सिंह ने बताया कि विवेचना के दौरान युवती की बहन ने अपने बयानों में जीआरपी मुरादाबाद में तैनात सिपाही नीरज कुमार निवासी महमूदापुर, थाना कांठ, मुरादाबाद, में कारपेंटर का काम करने वाला इश्तियाक निवासी तिलियापुर, थाना सीबीगंज, बरेली के अलावा युवती के कंपनी के अधिकारी शीशराम राजपूत निवासी ग्राम मछरिया, थाना जलालाबाद, जनपद शाहजहांपुर, अवधेश कुमार निवासी ग्राम घोसीपुरा, थाना मंडराक, जनपद अलीगढ़ के नाम बताए। इनके अलावा अन्य कई लोगों ने भी अपने बयानों में युवती से इन चारों के करीबी संबंध होने की बात कही। कॉल डिटेल से भी आरोपितों से युवती की बातचीत होने की पुष्टि हो गई। युवती की स्लाइड की रिपोर्ट आने पर उसके साथ दुष्कर्म की पुष्टि हो गई। हालांकि, हत्या की बात अभी साफ नहीं हो पायी है। प्रभारी निरीक्षक केएन सिंह ने बताया कि दुष्कर्म के बारे में पता लगाने के लिए चारों आरोपितों का डीएनए टेस्ट कराएंगे। इससे यह बात साफ हो जाएगी कि चारों आरोपितों में से दुष्कर्म का आरोपित कौन है।
Edited By : Rahman











Total Users : 72357
Total views : 74198