पश्चिम बंगाल, क्राइम इंडिया संवाददाता। अदालत की अवमानना के मामले में गिरफ्तारी वारंट जारी होने के अगले ही दिन केंद्रीय अल्पसंख्यक मामलों के राज्यमंत्री व भाजपा सांसद जान बारला ने शनिवार सुबह कूचबिहार जिले के तूफानगंज कोर्ट में आत्मसमर्पण कर दिया। बारला सुबह अपने वकीलों के साथ तूफानगंज अनुमंडल न्यायालय पहुंचे और आत्मसमर्पण किया। हालांकि बाद में अदालत ने उन्हें जमानत दे दी। गौरतलब है कि तूफानगंज की अदालत ने 2019 में लोकसभा चुनाव के दौरान आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन के एक मामले में समन के बावजूद 15 नवंबर को कोर्ट में हाजिर नहीं होने पर शुक्रवार को अलीपुरद्वार से भाजपा सांसद बारला के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया था। लोक अभियोजक संजय बर्मन के अनुसार, यह मामला चार अप्रैल 2019 का है, जब आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन करते हुए तूफानगंज बीडीओ कार्यालय परिसर में मोटरसाइकिल रैली निकाली गई थी। रैली में अलीपुरद्वार से भाजपा प्रत्याशी बारला भी मौजूद थे। तदनुसार, जान बारला समेत रैली में शामिल होने वाले चार लोगों के खिलाफ आदर्श आचार संहिता उल्लंघन की शिकायत स्थानीय बाक्सीरहाट पुलिस स्टेशन में दर्ज की गई थी। तूफानगंज अनुमंडल अदालत ने इस मामले में बारला को समन जारी किया था और 15 नवंबर को कोर्ट में पेश होने का आदेश दिया था, लेकिन न तो वह अदालत में पेश हुए और न ही उनकी ओर से कोई वकील पेश हुआ। इसके बाद अदालत की अवमानना के आरोप में बारला के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया गया था। इधर, इस अवसर पर कोर्ट परिसर में संवाददाताओं से बातचीत में बारला ने राज्य की टीएमसी सरकार पर जमकर हमला बोला। उन्होंने कहा कि वह राजनीतिक प्रतिशोध का शिकार हुए हैं। मेरे खिलाफ यह मामला राजनीतिक बदले की भावना से किया गया था। उन्होंने कहा, मैं कोर्ट का बहुत सम्मान करता हूं। मुझे नहीं पता था कि मेरे खिलाफ समन जारी किया गया है, क्योंकि मुझे कोई नोटिस नहीं दिया गया था। मुझे इंटरनेट मीडिया और समाचारों के जरिए गिरफ्तारी वारंट का पता चला। इसके बाद जमानत लेने आया। उन्होंने कहा कि उस समय कोई मामला नहीं था और यह बाइक रैली भी नहीं थी। मैं आ रहा था और मेरे पीछे कुछ लोग बाइक लेकर आ रहे थे। ये सारे मामले मुझे परेशान करने के लिए किए गए हैं।
Edited By : Rahman











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