पंजाब,क्राइम इंडिया संवाददाता: पंजाब विजिलेंस ब्यूरो (Vigilance Bureau) ने शनिवार को गोल्डन प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड झरमारी, डेराबस्सी के निदेशकों में से एक विनोद महाजन को गिरफ्तार किया, जो 2002 से फरार चल रहा था। पंजाब विजिलेंस ब्यूरो के एक प्रवक्ता ने शनिवार को महाजन की गिरफ्तारी की पुष्टि की। अधिक जानकारी देते हुए उन्होंने कहा कि गोल्डन प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड झरमारी एक गैर-बैंकिंग वित्तीय इकाई थी जिसे 1996 में चार निदेशकों – राकेश कांत स्याल, उनकी पत्नी बिमला सयाल, रुमिला सिन्हा (सभी से) द्वारा सरकार के साथ एक फर्म के रूप में पंजीकृत किया गया था। पंचकुला) और कपूरथला के आरिफवाला गांव निवासी विनोद महाजन अब पंचकुला में रह रहे हैं। प्रवक्ता ने बताया कि निदेशकों ने रूपनगर जिले के नूरपुर बेदी अनुमंडल में 530 एकड़ कृषि भूमि निवेशकों को उक्त जमीन का मालिकाना हक दिलाने के नाम पर गुमराह कर खरीदी थी. इसके अलावा आरोपियों ने निवेशकों से वसूले गए पैसों के एवज में अच्छे रिटर्न का आश्वासन दिया था. उन्होंने आगे कहा कि आरोपी निदेशकों ने उक्त भूमि को विकसित नहीं किया था और निवेशकों को स्वामित्व अधिकार प्रदान नहीं किया था। इसके अलावा निवेशकों को पोस्ट डेटेड चेक दिए गए, जो बाद में बाउंस हो गए। प्रवक्ता ने बताया कि इस संबंध में आईपीसी की धारा 406, 420, 467, 468, 471, 120-बी और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7(2), 13(1), 13(2) के तहत मामला दर्ज किया गया है। कंपनी के चार निदेशकों के खिलाफ वीबी थाना पटियाला में मामला दर्ज किया गया है। उन्होंने बताया कि विनोद महाजन को वर्ष 2002 में एक अदालत ने भगोड़ा घोषित किया था और तब से वह गिरफ्तारी से बच रहा था। महाजन को जल्द ही कोर्ट में पेश किया जाएगा। इस मामले में आगे की जांच चल रही थी।
Edited By : Rahman











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