उत्तर प्रदेश, क्राइम इंडिया संवाददाता : इस धरती पर जितने भी प्राणी हैं, उनके लिए जान से बढ़कर अगर कोई प्यारा होता है तो वह उनकी संतान होती है, फिर प्राणी चाहे इंसान हो या जानवर वह अपने बच्चे के लालन-पालन के लिए प्राण भी न्योछावर करने के लिए तैयार रहता है। तभी तो इस संसार में मां के चरित्र को इतना महत्व दिया जाता है। लेकिन इस कलयुगी संसार में कुछ ऐसे भी लोग हैं, जो मां की ममता को भी शर्मसार कर देते हैं। दरअसल, एक मां के घिनौने कृत्य की यह तस्वीर उत्तर प्रदेश के एटा जिले से सामने आई है। थाना सकरौली क्षेत्र के गांव हंसपुर में एक नवजात बच्ची खेतों में लावारिस हालत में मिली, जिसको कपड़ों पर लपेट कर झाड़ियों में फेंका गया था। वह तो बच्ची का सौभाग्य था, जिसे गांव के लोगों ने देख लिया और उसे समय से अस्पताल पहुंचा दिया। वरना बच्ची के साथ कोई अनहोनी भी हो सकती थी। जानकारी के मुताबिक, गांव के रहने वाले धर्मवीर खेतों की तरफ जा रहे थे, तभी उनकी नजर झाड़ियों में पड़े दुशाले पर पड़ी। अंदेशा होने पर उसकी जांच की तो उसमें एक जिंदा नवजात मिली। धर्मवीर ने तुरंत इसकी सूचना पुलिस को दी और अपनी मां पुष्पा के साथ बच्ची को चुरथरा सीएचसी पहुंचाया। यहां डाक्टरों ने बच्ची का परीक्षण कर उसे जरूरी उपचार दिया। डाक्टरों ने बताया कि बच्ची स्वस्थ है, लेकिन उसे चिकित्सकीय संरक्षण की आवश्यकता है। सीएचसी के डा. ब्रजेश कुमार ने बताया कि बच्ची आठ से लेकर नौ दिन के बीच की है और उसका वजन दो किलो है। जन्म देने के एक-दो घंटे बाद ही बच्ची को इस हालत में छोड़ा गया था। प्राथमिक उपचार के बाद बच्ची को मेडिकल कालेज के लिए रेफर कर दिया गया, जहां चिकित्सकों की टीम उसकी देखरेख कर रही है। सूचना मिलने पर पुलिस भी पहुंच गई और बच्ची की देखभाल के लिए महिला कांस्टेबल प्रेरणा को लगाया गया है। सवाल यह है कि आखिर यह कौन मां है जो इतनी निर्दयी बन गई कि जन्म देते हुए बच्ची को छोड़ दिया। किन परिस्थितियों में छोड़ा गया यह भी अनुत्तरित है। बेटी तो दुनिया में आ गई, मगर अब मां की पहचान कौन करेगा। अक्सर होता भी यही है। एक माह पूर्व थाना बागवाला क्षेत्र में नवजात बेटी झाड़ियों में पड़ी मिली थी। उसे भी मां ने छोड़ा, लेकिन दुनिया उसकी हमदर्द बन गई, मगर अफसोस कि बच्ची बच नहीं पाई। उस मां की भी पहचान नहीं हो सकी है।
Edited By : Rahman











Total Users : 71584
Total views : 73092