मिदनापुर, क्राइम इंडिया संवाददाता : पश्चिम बंगाल में एक छात्रा से सामूहिक दुष्कर्म के बाद हत्या के मामले में मिदनापुर के फास्ट ट्रैक कोर्ट ने मंगलवार को दो को मौत की सजा सुनाई है, जबकि एक महिला को उम्र कैद की सजा दी है। मृतका के परिवार ने फैसले पर खुशी जताते हुए कहा कि अब उनकी बेटी को न्याय मिलेगा। तीन मई, 2021 को 21 वर्षीया कालेज छात्रा से सामूहिक दुष्कर्म किया गया। उसके बाद उसे फंदे से लटकाकर मार डाला गया। यह घटना काफी सुर्खियों में रही थी। मिदनापुर के अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश कुसुमिका दे (मित्रा) ने सजा सुनाई। उन्होंने झारखंड के पूर्वी सिंहभूम के छोटू मुंडा, पश्चिम मिदनापुर के बेलदा के विकास मुर्मू और पिंगला के तेमाथानी की तापती पात्रा को दोषी ठहराया है। जज ने विकास और छोटू को फांसी का आदेश दिया है जबकि तापसी पात्रा को उम्रकैद की सजा सुनाई। बता दें कि मृतका के पिता किसान और मां मजदूर हैं। मृतका की मां ने बताया कि कोरोना के दौरान कालेज बंद होने के कारण वह घर पर ही ऑनलाइन पढ़ाई करती थी। उसी दौरान यह घटना घटी थी। वह डेबरा कालेज द्वितीय वर्ष की छात्रा थी। वह अपनी बेटी को वापस तो नहीं पाएंगी लेकिन उन्हें खुशी है कि दोषियों को सजा मिल गई। सरकारी पक्ष के विशेष लोक अभियोजक देबाशीष मैती ने बताया कि 2021 की इस घटना में 27 लोगों ने गवाही दी।
Edited by : Raees Khan











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